पटना। बिहार में तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण गुरुवार को भी जनजीवन अस्तव्यस्त रहा और वर्षा के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 73 हो गई वहीं नौ लोग घायल हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वर्षा से जुड़ी घटनाओं के कारण और बाढ़ में डूबने से 73 लोगों की मौत हो गई। उधर, पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खतरे को देखते हुए दो गांव खाली कराए गए हैं। पटना के डीएम कुमार रवि ने बताया कि पुनपुन नदी से प्रभावित क्षेत्रों में टीम भेजी गई है। गुरुवार शाम में पुनपुन–परसा बाजार के मध्य ब्रिज संख्या 21 पर बाढ़ का पानी आ जाने के कारण गाड़ियों का परिचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।


वेना-बिहारशरीफ रेलखंड में बाढ़ का पानी आ जाने से रेल परिचालन बाधित हुआ है। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पुनपुन-परसा बाजार और वेना-बिहारशरीफ रेलखंड में बाढ़ का पानी आ जाने से छह ट्रेनों को निरस्त किया गया है। वहीं, भारी बारिश के कारण पटना शहर में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न होने के कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली सबस्टेशनों में पानी घुसने से विद्युत आपूर्ति अवरुद्ध हो गई थी, जिसे चालू कर दिया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों कंकड़बाग, राजेंद्र नगर और पाटलिपुत्र में बैंक, दुकानें, निजी अस्पताल और कोचिंग संस्थान एक हफ्ते से बंद हैं।


पटना जिला प्रशासन द्वारा अब तक 171298 पानी की बोतलें, 56000 पानी पाउच, 21500 दूध पैकेट और 33631 भोजन पैकेट का वितरण किया जा चुका है। पटना के जलजमाव वाले क्षेत्रों में से राजेंद्र नगर और पाटलीपुत्र कॉलोनी के कुछ क्षेत्रों से शुक्रवार तक जल निकासी की संभावना है।


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